साइबर ठगों पर पुरी पुलिस का बड़ा प्रहार: 2,184 म्यूल बैंक खाते और 110 फर्जी वेबसाइट्स बंद, 50 साइबर अपराधी गिरफ्तार
पुरी: डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुरी साइबर थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीते 8 महीनों के दौरान पुलिस ने संगठित साइबर गिरोहों के वित्तीय ढांचे पर कड़ा प्रहार करते हुए 2,184 म्यूल (फर्जी) बैंक खातों को फ्रीज व ब्लॉक किया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 50 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि पीड़ितों के लाखों रुपये बरामद किए गए हैं।
म्यूल बैंक खातों पर सबसे बड़ा एक्शन: साइबर अपराधी ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए जिन फर्जी और किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर ब्लॉक किया। 8 महीने में 2,184 ऐसे बैंक खाते फ्रीज किए गए। म्यूल अकाउंट सिंडिकेट से जुड़े 30 आरोपियों और अन्य साइबर ठगी मामलों में लिप्त 20 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
₹81 लाख से अधिक की वित्तीय रिकवरी: पुलिस की त्वरित वित्तीय निगरानी और बैंकों के साथ बेहतर समन्वय के चलते लगभग ₹27 लाख नकद बरामद किए गए। इसके अलावा ₹36 लाख से अधिक की राशि जब्त की गई और ₹18 लाख रुपये संदिग्ध खातों में तत्काल फ्रीज कराए गए।
फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स पर ताला: सरकारी विभागों, बैंकों और प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाली 110 फर्जी वेबसाइटों को बंद कराया गया। साथ ही धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहे 30 फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स भी ब्लॉक किए गए।
सावधानी और हेल्पलाइन 1930 की अपील: साइबर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक विवरण, ओटीपी, पिन, पासवर्ड साझा न करने और किसी संदेहास्पद ऐप/लिंक को न खोलने का निर्देश दिया गया है। साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत '1930' राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।



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