महानदी में बढ़ेगा पानी का दबाव, मुंडली में 6.70 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना; 4 जिलों में अलर्ट
भुवनेश्वर, 27 अगस्त: ओडिशा में लगातार बारिश और महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से बढ़ते पानी के कारण एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मुंडली बैराज में महानदी का डिस्चार्ज करीब 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है और शाम तक इसके लगभग 6.70 लाख क्यूसेक होने का अनुमान है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने महानदी बेसिन के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत के अनुसार, बढ़ते जलप्रवाह के कारण महानदी में मामूली बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इसका असर खुर्दा, कटक, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों के कुछ निचले एवं कृषि क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
महानदी में आ सकती है मामूली बाढ़
अधिकारियों के मुताबिक मुंडली में पानी का प्रवाह करीब 6.5 से 6.7 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। इससे नदी किनारे के कुछ निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बड़े पैमाने पर गांवों में नुकसान की आशंका नहीं है। अनुमान है कि मामूली बाढ़ का प्रभाव करीब 9 से 10 घंटे तक नदी तंत्र में रहने के बाद पानी बंगाल की खाड़ी की ओर निकल जाएगा।
हिराकुद बांध के 19 गेट खोले गए
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी आने के कारण हिराकुद बांध के 19 स्लुइस गेट खोले गए हैं। बांध से अतिरिक्त पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है।
हिराकुद जलाशय का जलस्तर करीब 623 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 630 फीट है। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताए जाने के कारण जलस्तर को नियंत्रित रखना जरूरी बताया जा रहा है।
मां चर्चिका मंदिर परिसर में घुसा पानी
महानदी का जलस्तर बढ़ने का असर कटक जिले के बड़ंबा स्थित मां चर्चिका मंदिर परिसर में भी दिखाई दिया है। नदी किनारे स्थित मंदिर परिसर में पानी प्रवेश करने के बाद अधिकारियों और पुजारियों ने देवी की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
दूसरे प्रमुख नदियों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में
जल संसाधन विभाग के अनुसार बैतरनी, ब्राह्मणी, सुवर्णरेखा और सालंदी समेत अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल अपने-अपने चेतावनी स्तर से नीचे है।
राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश में बारिश और बाढ़ की समग्र स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
10 जिलों में 13.50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 13 अगस्त से 26 अगस्त के बीच बारिश और बाढ़ से राज्य के 10 जिलों में करीब 13,50,306 लोग प्रभावित हुए हैं। ये लोग 1,895 गांवों में रहते हैं।
बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा जैसे जिलों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। कई इलाकों में जलभराव, नदी का पानी बढ़ने, तटबंध टूटने और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
केंद्रापड़ा, भद्रक और जाजपुर पर विशेष नजर
बार-बार बाढ़ की चपेट में आने वाले केंद्रापड़ा, भद्रक और जाजपुर जिलों पर प्रशासन विशेष निगरानी रख रहा है।
बुधवार सुबह 8:30 बजे तक इन तीन जिलों के 9 ब्लॉक बाढ़ से प्रभावित बताए गए। करीब 80,284 लोग और 189 गांव इसकी चपेट में हैं। वहीं लगभग 1,02,481 हेक्टेयर कृषि भूमि में पानी भरने की जानकारी दी गई है।
57 टीमें राहत और बचाव में तैनात
स्थिति से निपटने के लिए ODRAF, NDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, पुलिस और अन्य एजेंसियों की 57 टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री और आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
2 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान
मौसम विभाग ने ओडिशा में एक और बारिश के दौर की संभावना जताई है। 27 अगस्त से 2 सितंबर की सुबह तक कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 29 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है।
ऐसे में महानदी समेत राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। लोगों से नदी, नालों और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है



0 Comments