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| चक्रधरपुर डिवीजन की आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और सीआईडी (CID) की संयुक्त टीम |
ओडिशा: राजगांगपुर रेलवे स्टेशन पर RPF की बड़ी कार्रवाई, 55 किलो गांजे के साथ पश्चिम बंगाल के दो तस्कर गिरफ्तार
राजगांगपुर (Sundergarh): रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। चक्रधरपुर डिवीजन की आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और सीआईडी (CID) की संयुक्त टीम ने राजगांगपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से दो शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 55 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 27.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
सुबह 7 बजे प्लेटफॉर्म पर मची खलबली
गुप्त सूचना के आधार पर एंटी-ड्रग्स स्क्वाड रेलवे स्टेशन पर अलर्ट मोड में था। मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे आरपीएफ की स्पेशल टीम को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दो संदिग्ध व्यक्ति घूमते हुए दिखाई दिए। उनके पास प्लास्टिक से लिपटे हुए कुछ बड़े बंडल रखे थे। सुरक्षा बलों को देखते ही दोनों घबरा गए, जिसके बाद टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
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पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
कड़ी पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान उजागर की। पकड़े गए तस्करों के नाम इस प्रकार हैं:
- प्रबीर विश्वास (55 वर्ष): निवासी- हरिष नगर, जिला- कृष्णानगर, पश्चिम बंगाल।
- इरशाद अली मौला (36 वर्ष): निवासी- रानी नगर, जिला- मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल।
तस्करी का पैटर्न: जब पुलिस ने प्लास्टिक के बंडलों को खोलकर उसकी जांच की, तो उसमें भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ मिला। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इस खेप को राउरकेला से राजगांगपुर लाए थे और यहाँ से हावड़ा जाने वाली ट्रेन के जरिए इसे पश्चिम बंगाल ले जाने की फिराक में थे।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आबकारी विभाग को सौंपे गए आरोपी
इस बड़ी बरामदगी के बाद राजगांगपुर आरपीएफ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत मामला (केस नंबर- 52/26-27) दर्ज कर लिया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की जांच के लिए जब्त किए गए गांजे और दोनों तस्करों को सुंदरगढ़ रेंज के आबकारी विभाग (Excise Department) को सौंप दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट के तार ओडिशा और पश्चिम बंगाल में और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
