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| Source:AI IMEGE |
बंगाल की खाड़ी में बड़ा हादसा: लापता ट्रॉलर मिलने के बाद 9 मछुआरों के शव बरामद, ओडिशा के 3 श्रमिकों समेत 6 अब भी लापता
भुवनेश्वर / कोलकाता: बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से समुद्र में लापता एक भारतीय मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर 'मां काली' (MV Joy Ma Kali) का मलबा मिल गया है, जिसमें से अब तक 9 मछुआरों के सड़े-गले शव बरामद किए जा चुके हैं। इस हादसे का शिकार हुए ट्रॉलर पर कुल 15 मछुआरे सवार थे, जिनमें से 6 मछुआरे अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ओडिशा के 3 मछुआरे भी थे सवार
इस पूरे हादसे का सीधा कनेक्शन ओडिशा से भी जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, इस बोट पर सवार 15 मछुआरों में से 3 मछुआरे ओडिशा के बालेश्वर (Balasore) जिले के रहने वाले हैं। लापता और हताहत हुए ओडिशा के इन मछुआरों की पहचान इस प्रकार की गई है:
रवींद्र माझी (Rabindra Majhi)
जगन्नाथ माझी (Jagannath Majhi)
जयराम माझी (Jayaram Majhi)
बाकी के 12 मछुआरे पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
खराब मौसम और कम दबाव (Low Pressure) के कारण पलटी नाव
फिशरमेन एसोसिएशन से मिली रिपोर्ट के अनुसार, यह ट्रॉलर 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंखपुर (Shankarpur) फिशिंग हार्बर से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकला था। इसके बाद 3-4 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण समुद्र में मौसम बेहद खराब हो गया और ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद कई नावें वापस लौट आईं, लेकिन 'मां काली' ट्रॉलर का संपर्क 4-5 जुलाई के बाद से लैंडिंग बेस से पूरी तरह टूट गया। बताया जा रहा है कि समुद्री तूफान में फंसने और इंजन फेल होने के कारण बोट अनियंत्रित होकर समुद्र के बीच एक रेतीले टीले (Rakta Dwiper Char) से टकराकर पलट गई।
सर्च ऑपरेशन में मिला मलबा, शवों की पहचान के लिए होगा DNA टेस्ट
कई दिनों तक चले बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद, भारतीय कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard), भारतीय नौसेना (Indian Navy), वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने आखिरकार बक्खाली (Bakkhali) तट से दूर सुंदरवन के पास डूबे हुए ट्रॉलर को ट्रैक किया। ट्रॉलर को पानी से बाहर निकालकर जब क्रेन के जरिए किनारे लाया गया और पानी पंप आउट किया गया, तो उसके अंदर से एक-एक करके 9 शव बरामद हुए।
चूंकि शव कई दिनों तक पानी में रहने के कारण पूरी तरह से सड़ चुके हैं और उनकी पहचान करना नामुमकिन है, इसलिए प्रशासन अब इन शवों का DNA टेस्ट करवाएगा। फिलहाल सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिवीजनल अस्पताल (Kakdwip Hospital) भेज दिया गया है।
मुआवजे का ऐलान और रेस्क्यू जारी
