अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों को दिया हैरान करने वाला
प्रस्ताव।पूर्व
राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बाइडेन को व्हाइट हाउस आने का दिया निमंत्रण।राजनीतिक
कड़वाहट भूलकर एक साथ लाइव फुटबॉल मैच देखने की जताई इच्छा।अमेरिकी राजनीति
में इस कदम को माना जा रहा है बेहद अप्रत्याशित और बड़ा बदलाव।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों को दिया हैरान करने वाला प्रस्ताव।पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बाइडेन को व्हाइट हाउस आने का दिया निमंत्रण।राजनीतिक कड़वाहट भूलकर एक साथ लाइव फुटबॉल मैच देखने की जताई इच्छा।अमेरिकी राजनीति में इस कदम को माना जा रहा है बेहद अप्रत्याशित और बड़ा बदलाव।
वाशिंगटन
(अंतरराष्ट्रीय डेस्क):अमेरिकी राजनीति
के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। अमूमन अपने
आक्रामक बयानों और तीखे राजनीतिक हमलों के लिए जाने जाने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड
ट्रंप ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने सबको हैरान
कर दिया है। ट्रंप ने अपने धुर विरोधी और पूर्व राष्ट्रपतियों—बराक ओबामा और जो
बाइडेन—को एक साथ व्हाइट हाउस आने का अनोखा प्रस्ताव दिया है। ट्रंप की इच्छा है
कि ये तीनों दिग्गज एक ही छत के नीचे बैठकर आराम से फुटबॉल मैच का लुत्फ उठाएं।
क्या है ट्रंप
का यह अनोखा प्रस्ताव? एक हालिया बयान
में राष्ट्रपतिDonald Trump;डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाव दिया कि वह राजनीतिक मतभेदों और पुरानी
कड़वाहट को एक तरफ रखकर एक नई शुरुआत करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने व्हाइट
हाउस में एक खास गेट-टुगेदर (Gettogether) की इच्छा जताई है।
Donald Trump ट्रंप ने कहा कि वह बराक ओबामा और जो बाइडेन की मेजबानी करना चाहते हैं, जहां देश के मौजूदा और पूर्व शीर्ष नेता एक साथ बैठकर लाइव फुटबॉल मैच देखें। अमेरिकी समाज में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि एक बड़ा सांस्कृतिक इवेंट है, और ट्रंप इसी के जरिए दूरियां मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्यों बेहद खास है ट्रंप का यह कदम? यह आमंत्रण इसलिए सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि इन तीनों नेताओं के बीच के राजनीतिक रिश्ते हमेशा से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं:
ट्रंप बनाम
ओबामा: डोनाल्ड ट्रंप सालों से बराक ओबामा की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं।
ट्रंप बनाम
बाइडेन:हालिया वर्षों में जो बाइडेन और ट्रंप के बीच की राजनीतिक जंग जगजाहिर रही
है, जहाँ दोनों ने एक-दूसरे
पर जमकर शब्दबाण चलाए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है:
"अमेरिकी इतिहास में ऐसा बहुत कम देखा गया है जब कोई
मौजूदा राष्ट्रपति अपने इतने बड़े प्रतिद्वंद्वियों को इस तरह के अनौपचारिक (Informal)
माहौल में आमंत्रित करे। अगर यह मुलाकात सच में
होती है, तो यह अमेरिकी लोकतंत्र
और दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा संदेश होगा।"
क्या ओबामा और
बाइडेन स्वीकार करेंगे यह न्योता?
ट्रंप के इस
हैरान करने वाले प्रस्ताव के बाद अब सबकी नजरें डेमोक्रेटिक पार्टी के इन दोनों
दिग्गज नेताओं पर टिक गई हैं। फिलहाल बराक ओबामा और जो बाइडेन के कार्यालयों की
तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, वाशिंगटन के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज
है कि क्या ये दोनों नेता ट्रंप के इस 'फुटबॉल डिप्लोमेसी' के प्रस्ताव को
स्वीकार करेंगे या इसे महज एक राजनीतिक स्टंट मानकर दूरी बना लेंगे।
व्हाइट हाउस में 'फुटबॉल डिप्लोमेसी' का इतिहास
अमेरिका में
राष्ट्रपतियों द्वारा खेल के जरिए कूटनीति या घरेलू राजनीति को साधने का पुराना
इतिहास रहा है। सुपर बाउल (Super Bowl) या बड़े फुटबॉल मैचों के दौरान राष्ट्रपति अक्सर देश को एकजुट करने वाले संदेश
देते हैं। लेकिन इस बार ट्रंप का यह दांव घरेलू मोर्चे पर राजनीतिक शांति स्थापित
करने या शायद अपने आलोचकों को शांत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता
है।
अब देखना यह होगा कि व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में इन तीनों दिग्गजों की यह मुलाकात हकीकत का रूप लेती है या नहीं।
