![]() |
| बचाव अभियान और अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत |
Bhubaneswar: बीजेबी नगर में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक ढहने से बड़ा हादसा, ओडिशा और बंगाल के 2 मजदूरों की दर्दनाक मौत
भुवनेश्वर:
राजधानी भुवनेश्वर के बड़गड़ (Badagada) थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीजेबी नगर (BJB Nagar) इलाके में एक बेहद ही दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन इमारत में सेप्टिक टैंक (टॉयलेट टैंक) का ढांचा अचानक ढह जाने से दो निर्माण श्रमिकों (मजदूरों) की मौत हो गई। मलबे के नीचे दबने और टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से दोनों मजदूरों ने दम तोड़ दिया।
शटरिंग खोलते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे बीजेबी नगर में स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम चल रहा था। यहाँ दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर उतरकर उसकी शटरिंग (सेन्ट्रिंग के लकड़ी के तख्ते) को हटा रहे थे। इसी दौरान टैंक का एक हिस्सा अचानक भरभरा कर ढह गया, जिससे दोनों मजदूर मलबे के नीचे दबकर अंदर ही फंस गए।
मृतक मजदूरों की हुई पहचान
पुलिस प्रशासन और अस्पताल से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों की पहचान हो चुकी है:
- धुमा टुडू (उम्र 40 वर्ष): ये ओडिशा के ही मयूरभंज जिले के रहने वाले थे।
- प्रबीर दास (उम्र 56 वर्ष): ये पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर (East Medinipur) जिले के निवासी थे।
दम घुटने से बेहोश हुए, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
भुवनेश्वर के डीसीपी (DCP) जगमोहन मीणा ने शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि टैंक के अंदर जाने के बाद मलबे में दबने और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण दोनों मजदूर बेहोश हो गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बड़गड़ थाना पुलिस और फायर सर्विसेज (अग्निशमन विभाग) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को गंभीर हालत में बाहर निकाला और तुरंत कैपिटल हॉस्पिटल (Capital Hospital) भेजा। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
इस दर्दनाक हादसे के बाद बड़गड़ थाना पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया था या नहीं। इस घटना के बाद से स्थानीय इलाके में शोक का माहौल है।
